दानापुर. रमजान शुरू होते ही बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। लोग सहरी और इफ्तार के लिए फेन, फैनी, पापे, खारी, ब्रेड, बन, शीरमाल और दूध जैसी वस्तुएं खरीद रहे हैं। इसके अलावा कपड़े, घरेलू सामान, फल और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी भी तेज हो गई है।

इंतेजामिया कमिटी के सचिव मौलवी हसन उर्फ मक्खन ने कहा कि रमजान आत्मा की शुद्धि, इबादत व अल्लाह से करीब होने का महीना है. सिर्फ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं, बल्कि बुरे कामों से बचकर अच्छे कामों की तरफ बढ़ने का अवसर है.यह पवित्र महीना सभी के लिए शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता है। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को चाहिए कि इस पवित्र महीने की कद्र करें. ज्यादा से ज्यादा नेक काम करें. माहे रमजान में पवित्र कुरआन नाजिल हुआ. कुरआन की तिलावत का सवाब इस माह में कई गुना बढ़ा दिया जाता है. इस माह में अल्लाह की रहमत बंदों पर खास होती है. मगफिरत व जहन्नुम से निजात का महीना भी है.
जानकारी के लिए बता दें कि इंतेजामिया कमिटी के सचिव मौलवी हसन उर्फ मक्खन ने रमजान को देखते हुए मस्जिदों में साफ-सफाई और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। नमाजियों के लिए पीने के पानी और वजू के इंतजाम भी किए गए हैं। ईशा की नमाज के बाद विशेष तरावीह अदा की गई है, जिसमें ग्यारह रकअत में कुरान की तिलावत की जाती है। नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ की मांगी गई।