
खगौल. नया साल आते ही त्योहारों का सिलसिला शुरू हो चुका है. मकर संक्रांति का उल्लास हर जगह नजर आ रहा है। खगौल के बाजारों में तिल से बनी वस्तुओं की सौंधी खुशबू फैली हुई है। खासतौर पर तिलकुट, लड्डू, चिक्की और पट्टी जैसे उत्पादों की मांग चरम पर है। हर साल खगौल में लोगों को गया जैसा खस्ता और टेस्टी तिलकुट भी उपलब्ध कराया जाता रहा है, जिसे गया के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा है।
स्टॉल के मालिक मोहम्मद शाहनवाज उर्फ़ रिंकू ने बताया कि उन्होंने गया से अनुभवी कारीगरों को बुलाया है, जो शुद्धता और स्वाद का पूरा ध्यान रखते हुए खस्ता तिलकुट तैयार कर रहे हैं। गया का तिलकुट पूरे देश में अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, और अब वही स्वाद खगौल के लोगों के लिए भी उपलब्ध है।
मोहम्मद शर्फोदीन उर्फ़ साहेब ने बताया कि शुरू से मैं गया से कारीगर बुलाकर तिलकुट बनवाया करता हूँ। स्थिति यह है कि हमारी दुकान पर रोजाना सुबह 6 बजे से लेकर रात 10:30 बजे तक काम चलता है, फिर भी माल पूरा नहीं कर पाते। उन्होंने बताया कि तिलकुट बनाने वाला कारीगर का 25 साल का अनुभव हैं। तिलकुट की डिमांड इतनी बढ़ गई है कि हर दिन का स्टॉक खत्म हो जाता है।
मोहम्मद शाहवाज ने बताया कि तिलकुट शरीर को सर्दियों में जरूरी गर्मी के साथ साथ प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी तत्व भी देता है जो शरीर के स्वस्थ रहने के लिए मददगार हैं। कुछ ऐसी तिलकुट रेसिपीज हैं जो जो स्वादिष्ट तो हैं ही, आपके स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद हैं।
मोहम्मद पिंटू ने बताया कि हमारे यहाँ अनेको प्रकार का तिलकुट तैयार किया जाता है जैसे किशमिश तिलकुट, पिस्ता तिलकुट, काजू तिलकुट, बादाम तिलकुट, सिंहल तिलकुट, मावा तिलकुट, बादाम चिक्की, तिल लड्डू, तिल पट्टी, तिल कतरी और काले तिल के लड्डू जैसे अन्य उत्पाद भी उपलब्ध हैं।