
पटना. जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना श्री राजीव मिश्रा ने कहा है कि विधि-व्यवस्था संधारण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। सभी पदाधिकारी इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। अधिकारीद्वय आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को अवैध शराब में संलिप्त लोगों के विरूद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई करने का निदेश दिया है। सूचना संग्रहण, शराब का विनष्टीकरण, वाहनों की नीलामी इत्यादि पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया गया।
डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि भूमि विवादों का प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण आवश्यक है। संबंधित पदाधिकारी- थानाध्यक्ष, अंचलाधिकारी, सहायक पुलिस अधीक्षक तथा अनुमंडल पदाधिकारी- उच्च प्राथमिकता के आधार पर इसका समाधान करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशासन, पुलिस, राजस्व, निबंधन, खनन, मद्य-निषेध, परिवहन सहित सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच सार्थक समन्वय एवं सुदृढ़ संवाद की आवश्यकता है। विभिन्न विभागों के पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करते हुए जनहित के मामलों में विशेष रूचि प्रदर्शित कर मामलों का नियमानुसार समाधान करें। अधिकारीद्वय ने कहा कि पटना काफी तेज गति से विकास करता हुआ क्षेत्र है। जन-सुविधाओं की सुगम उपलब्धता के लिए सभी को सक्रिय रहना होगा। सुचारू यातायात प्रबंधन, शांति तथा विधि-व्यवस्था संधारण के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र 24×7 क्रियाशील रहे।
इस बैठक में सभी पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक पुलिस अधीक्षक, जिला खनन पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक तथा अन्य भी उपस्थित थे।
पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ आप सभी लोक शिकायतों का निवारण करें। केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा। उनके लिए जनता की संतुष्टि अनिवार्य है। आप सभी पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी, भूमि विवाद के मामलों की गंभीरता का आकलन, अधिकारियों को प्राथमिक सूचना की विस्तृत जानकारी, भूमि विवाद निराकरण के संबंध में कृत कार्रवाई की समीक्षा, विवादित भूमि के पूर्ववृत (हिस्ट्री शीट) की जानकारी एवं भूमि विवाद समाधान का योजनाबद्ध क्रियान्वयन आवश्यक है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संयुक्त रूप से भूमि संबंधी मामलों का अनुश्रवण करें।