पटना. रेडियंट इंटरनेशनल स्कूल ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में हमेशा अग्रणी रहा है जो छात्रों के अधिगम कौशल के अनुभव से उनके विविध कौशलों का पता लगाने में विश्वास रखता है और उन्हें सीखने और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक बेहतर मंच प्रदान करता है।

अपनी इसी परंपरा का पालन करते हुए रेडिएंट ने दिनांक 26 अक्टूबर 2024 को छठे सिनर्जी अजीत सिंह मेमोरियल इंटर स्कूल प्रतियोगिता की मेजबानी की। इस आयोजन में पटना के 248 छात्रों और शहर के 18 प्रमुख स्कूलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष के कार्यक्रम का विषय “रीवाइंडिंग ब्रेनस्टॉर्म्स” था, यह महत्वपूर्ण विषय मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित था, जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।

रेडियंट का यह दृढ़ विश्वास है कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य। यह हमें दूसरों के साथ जुड़ने के तरीके, हमारी अंतरदृष्टि, और छात्रों की शैक्षणिक यात्रा को प्रभावित करता है। मानसिक कल्याण के महत्व को यादगार बनाने के लिए, प्रत्येक प्रतिभागी और रेडियंट के बच्चों ने मिलकर एक मानसिक स्वास्थ्य कल्याण गूडी बैग तैयार किया, जिसमें हस्तनिर्मित बुकमार्क्स, जर्नल्स, स्ट्रेस बॉल्स, एफ़र्मेशन कप्स और अन्य सामग्री शामिल थीं जो बच्चों में मानसिक स्वच्छता संबंधी विचारों को बढ़ावा देता है।

उद्धघाटन समारोह की शुरुआत सभी प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल गर्ल्स, पटना की प्राचार्या गुरमीत कल्सी, डीएवी, मुजफ्फरपुर के प्राचार्य हिमांशु पांडे, जानो जंक्शन के कंटेंट हेड, अपूर्व कलाकार सोमा आनंद, जानो जंक्शन के सीईओ क्षितिज चौधरी, थिएटर आर्टिस्ट अभिषेक, पिक्कुली वर्ल्ड की संस्थापिका शौर्य प्रभाकर, सहित विद्यालय की प्राचार्या मनीषा सिन्हा के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलित करने के पश्चात विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय अजीत सिंह जी को पुष्पांजलि अर्पित की गई।

विद्यालय की प्राचार्या सुश्री मनीषा सिन्हा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज के चुनौतिपूर्ण माहौल को देखकर छात्रों के समग्र विकास और उनकी शैक्षणिक सफलता के लिए विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने से छात्रों को न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में भी सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है। इसलिए, विद्यालय में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन छात्रों को दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने स्कूल के संस्थापक स्वर्गीय अजीत सिंह द्वारा किए गए आम लोगों के कल्याण और समाज में उनके योगदान को स्वीकारा।

प्रतियोगिताओं की शुरुआत वरिष्ठ और कनिष्ठ श्रेणियों के लिए वाद-विवाद के प्रारंभिक दौर के साथ हुई। इसके साथ ही एक राइटिंग पूल भी आयोजित किया गया। दिन का मुख्य आकर्षण टीम बहस थी जिसमें छात्रों के चिंतन कौशल और वाचन कौशल को चुनौती देने के लिए सार्वजनिक भाषण कौशल का परीक्षण किया गया। सबसे दिलचस्प थी नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, जिसमें प्रतिभागी विद्यालयों के छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित अपनी मनोरंजक प्रस्तुति से दर्शकों को खूब लुभाया। हंट एंड पेकर्स राउंड, जिसमें प्रतिभागियों को पहेलियाँ, क्रॉसवर्ड हल करने थे और अन्य दिलचस्प कार्य पूरे करने थे। दिए गए कार्यों को सबसे कम समय में पूरा करने वालों को विजेता घोषित किया गया।

मेयर योर सिटी कार्यक्रम में, प्रत्येक टीम के प्रतिभागी ने अपशिष्ट सामग्री का उपयोग करके एक स्थायी शहर का मॉडल बनाया, जिससे उन्होंने भविष्य की अपनी इको फ्रेंडली दृष्टि को प्रदर्शित किया। ‘दृष्टि’ कार्यक्रम में, छात्रों ने दिए गए विषय पर विभिन्न माध्यमों का उपयोग करके पोस्टर बनाए और अपनी रचनात्मक कृतियों को प्रस्तुत किया।

ग्रैंड फिनाले पुरस्कार समारोह था, जहाँ विजेता टीमों को पुरस्कार और पदक देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्या मनीषा सिन्हा ने इस बात का उल्लेख किया कि इस कार्यक्रम ने छात्रों को अपने विचारों को व्यक्त कर अपने कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया है। उन्होंने दोहराया कि सिनेर्जी के पीछे का दृष्टिकोण छात्रों को एक उज्ज्वल भविष्य प्रदान कर उन्हें वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के संयोजक इंदरप्रीत कौर और नभनील थे। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने के लिए बधाई दी।