कब्रिस्तान व शमशान घाट की जमीन भी सुरक्षित नहीं, आशोपुर कब्रिस्तान का रसीद बैजेन्द्र प्रसाद सिंह के नाम कटा 

दानापुर. आशोपुर कब्रिस्तान सचिब इफतेखार अहमद ने बताया कि आर० डी० कन्सट्रक्शन प्र० लि० द्वारा आशोपुर, मौजा जमसौत, वक्फ स्टेट सं0- 2921 में कब्रिस्तान में अवैध रूप से निर्माण सामग्री इकट्ठा किया गया है जिससे कब्रिस्तान की बेहुरमती हो रही है। हम लोग कई बार आर० डी० कन्सट्रक्शन के लोगों से सामान हटाने को कहा और उन्होंने आस्वासन भी दिया। अब पता चला कि कोई बैजेन्द्र प्रसाद सिंह, पिता रामफल सिंह के नाम कब्रिस्तान का रसीद कटा हुआ है यह रसीद 3 फरवरी 2025 को अंचलाधिकारी दानापुर चन्दन कुमार द्वारा काटी गई है। जबकि इससे पूर्व कर्मचारी ने अंचलाधिकारी दानापुर को रिपोर्ट दिया कि यह जमीन कब्रिस्तान का है।

सचिब इफतेखार अहमद द्वरा आरोप लगाया गया कि अंचलाधिकारी दानापुर को मोटा रकम देकर, फर्जी दस्तावेज़ दिखा कर रसीद कटाबाया गया है। उन्होंने कहा कि डीएम, एसडीओ, सीओ, आदि से इस रशीद को निरस्त करने की मांग करते हुए गलत करने वाले व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

इंतेजामिया कमिटी के सचिव मौलवी हसन उर्फ़ मक्खन ने बताया कि कब्रिस्तान की जमीन की जाँच इससे पहले अंचलाधिकारी दानापुर अमृत राज बंदु द्वरा किया गया था उन्होंने जांच करने के बाद रिपोर्ट में कब्रिस्तान का जमीन दिखाया था जिसपर अवैध रूप से कब्जा भी दिखाया था। उनके जाने के बाद अंचलाधिकारी दानापुर चन्दन कुमार आए और उसका रसीद ही काट दिया। जबकि बिहार स्टेट सुन्नी वक्फ बोर्ड में रेजिस्ट्रेशन है जिसका नंबर PT/2921 है।

उन्होंने बताया कि सब कुछ गलत है तो जो क्या नक्शा में कब्रिस्तान दिखाया जा रहा है वह भी गलत है?

आशोपुर कब्रिस्तान अध्यक्ष बबन ने बताया कि आर० डी० कन्सट्रक्शन प्र० लि० द्वरा आशोपुर कब्रिस्तान के पीछे उसका बिल्डिंग का काम चल रहा है और उसने जाली कागजात बनवाकर रसीद कटवा लिया है। उन्होंने बताया कि कई बार अंचलाधिकारी दानापुर को आवेदन दिया गया कि कब्रिस्तान में अवैध रूप से निर्माण सामग्री इकट्ठा किया गया है जिससे कब्रिस्तान की बेहुरमती हो रही है। हम लोग कई बार आर० डी० कन्सट्रक्शन के लोगों से सामान हटाने को कहा और उन्होंने आस्वासन भी दिया किन्तु अबतक सामान स्थान से नहीं हटाया गया है। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान व शमशान घाट की जमीन भी सुरक्षित नहीं होगा तो क्या कहा जाय। डीएम, एसडीओ, सीओ, बीडीओ आदि से इस रशीद को निरस्त करने की मांग करते हुए गलत करने वाले व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

अंचलाधिकारी दानापुर चन्दन कुमार ने बताया कि जाँच में पाया गया कि यह जमीन कब्रिस्तान की जमीन नहीं है। इसका रसीद पहले से ही कटते हुए आ रहा था। 

दानापुर अनुमंडल की SDM  दिव्या शक्ति ने बताया कि जो पेपर दिखाया जा रहा है उसकी जाँच हो रही है। मामला ADM के पास गया हुआ है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।

मौका मिलते ही गेम खेलने और चूना लगाने में देर नहीं लगाते है। खासकर, जमीन मामलों के अधिकारी फरियादियों से ज्यादा खुद की जेब और जायदाद बढ़ाने में नंबर वन खिलाड़ी से कम नहीं हैं। कब्रिस्तान और शमशान की जमीन भूमाफिया से सुरक्षित नहीं है। ऐसा ही एक मामला आशोपुर कब्रिस्तान का है, जिसे सूचक द्वारा कहा जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों और अंचलाधिकारी दानापुर की मिली भगत से नकली दस्तावेज़ बना कर कब्रिस्तान का जमीन का रसीद काटा गया। कैसे कटा यह तो जाँच का विषय है?

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