दानापुर में होली के दूसरे दिन बसियौरा मनाने की परंपरा

दानापुर, बिहार में होली के दूसरे दिन बसियौरा मनाने की परंपरा है, जिसे “बुढ़वा होली” भी कहा जाता है। इस दिन लोग झुमटा निकालकर पूरे गाँव में भ्रमण करते हैं, फगुआ गाते हैं और जमकर होली खेलते हैं. बिहार में होली के दूसरे दिन बसियौरा मनाने की एक पुरानी परंपरा है. बिहार में बसियौरा होली मनाने की परंपरा खूब है।

पटना में युवा रविवार को बसियौरा होली मनाते हुए नजर आए। होली के समापन के बाद पटना के दानापुर में रविवार की शाम को पारंपरिक बसियौरा मेला पर सती की स्मृति में शोभायात्रा निकाली गयी। जुलूस में शामिल ग्रामीणों के बीच कलाकारों ने गीत-संगीत व नृत्य की प्रस्तुति से समा बांध दिया।

जुलूस में सती की झांकी पालकी पर सवार थी। इसका मार्ग में दर्शन-पूजन कर रहे थे। इसके अलावा शोभायात्रा में सात नागाओं की टोली, हाथी, घोड़ा, बैंड बाजा, व कीर्तन मंडलियों के साथ तंत्र साधक भी शामिल थे। हालांकि, शोभायात्रा को लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। दानापुर में अनिल कुमार ने उद्घाटन किया।

वहीं दानापुर में राधाकृष्ण व अर्जुन की झांकी लोगों को मोहित कर रही थी। युवाओं ने बताया कि वे सभी बसियौरा होली मना रहे हैं। युवा अर्थी पर फूट-फूट कर रोते भी दिखे और भोजपुरी गाने पर थिरकते भी। इसमें युवाओं के साथ ही बच्चों की टोली भी दिखी। जो रास्ते में मिला सब को अबीर लगाते रहे।

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