दानापुर. आज दानापुर ब्लाक में सबसे अहम परियोजना जेपी गंगा पथ के विस्तार को लेकर बैठक किया गया। यह दीघा से आगे बढ़कर कोईलवर तक जाएगा। लगभग 35.65 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन प्रोजेक्ट पर 6,495 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। दीघा, शेरपुर और बिहटा होते हुए यह सड़क कोईलवर के नए पुल तक पहुंचेगी। इस बैठक में सभी भूमि मालिक और स्थानीय लोगों से पूछा गया की किसी को कोई दिक्कत तो नहीं है। जे०पी० गंगा पथ का विस्तार करने हेतु आवश्यक रैयती भूमि अधिग्रहण के लिए सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन पर आधारित तथ्यों के आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि अधिग्रहण के अन्तर्गत जाने वाली भूमि कृषि, आवासीय / व्यवसायिक उपयोग में रही है। इस भूमि से प्राथमिक रूप से जुड़े लोगों में स्थानीय किसान हैं। प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के अन्तर्गत कोई भी ऐसा प्रभावित परिवार नहीं पाया गया है जो विस्थापित हो रहा है। हालांकि कुछ प्रभावित परिवार का मकान अधिग्रहीत होने की संभावना है।
फलतः विभागीय जांचोपरांत ही सरेखन परिवर्तन पर उचित निर्णय लिया जा सकता है। इस परियोजना क्रियान्वयन में कुछ रैयतों को छोडकर बाकी अन्य प्रत्यक्ष प्रभावित रैयतों एवं स्थानीय समुदाय की पूर्ण सहमति है। प्रस्तावित अधिग्रहण का सकारात्मक प्रभाव, नकारात्मक प्रभाव की तुलना में अधिक है ऐसा माना जा सकता है।
समाजसेवी पप्पू यादव बताते हैं कि दीघा से कोईलवर तक जेपी गंगा पथ के विस्तार समेत कई अहम सड़क और पुल परियोजनाओं के पूरा होने से शहर और आसपास के कस्बों की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी। इसके पूरा होने से पटना से आरा और दक्षिण बिहार की दूरी न सिर्फ कम होगी, बल्कि शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव भी काफी घटेगा।
समाजसेवी उदय नारायण सिंह ने कहा है कि ललित नारायण मिश्र आर्थीक विकास एंव समाजीक परिवर्तन संस्थान द्वारा दीघा से आगे बढ़कर कोईलवर तक जो पुल बन रहा है उसमें जो किसानों का भूमि अधिकरण किया जाएगा उसका मुवावजा दिया जाएगा।