पूर्व केंद्रीय मंत्री सह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नागमणि के के बयान के बाद गरमाई राजनिति पोस्टर – बैनर फाड़ने तक पहुंच गई। इस प्रकरण पर नागमणि ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा की प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री हैं और यूजीसी को लेकर प्रधानमंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं यह उचित नहीं है। यह यूजीसी की ज्ञान जिनका नहीं है वही लोग इस तरह का भाषा का प्रयोग रहे हैं।

यूजीसी के खिलाफ न कोई नेता बोल रहा है और ना ही कोई कुछ बोल रहा है यूजीसी कुल मिलाकर जो बिल आया है यह सब के हित के लिए है नागमणि जी के इस ट्वीट पर लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री को तेलिया तेलिया जैसे अमर्यादित शब्द का प्रयोग किया और कहा के तेलिया को तेलिया नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे इस पर नागमणि भड़क गए और आज नागमणी के प्रतिनिधि मो. नदीम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता को यह बताने की कोशिश किया कि देश के प्रधानमंत्री हैं

इनका सम्मान होना चाहिए यूजीसी का बिल अगर गलत है तो आप उसका प्रोटेस्ट कर सकते हैं सही है तो समर्थन कर सकते हैं लेकिन किसी देश के प्रधानमंत्री को अपशब्द का प्रयोग करना कहीं से संवैधानिक नहीं है कहीं से कानूनन उचित नहीं है यह शब्द पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नागमणि ने कहा उन्होंने यह भी कहा कि यूजीसी जो देश में लाया गया है यह एक अच्छा बिल है और सबके हित के लिए है प्रधानमंत्री जी कभी किसी के हित की ना सोते हैं ना सोचेंगे सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास यही इनका स्लोगन है।