
पटना. सरकार के द्वारा समय समय पर भूमिहीन अनुसूचित जातियों (SC) को आजीविका के लिए जमीन आवंटित की करती हैं. यह भूमि आवंटन मुख्य रूप से भूमि सुधार कानूनों और सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत किया जाता रहा है, जिसके तहत उन्हें पट्टे पर जमीन या मालिकाना हक दिया जाता है, ताकि वे अपना जीवन यापन कर सकें। इस तरह के आवंटन का उद्देश्य व्यक्ति के जीवन स्तर को सुधारना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार ने सन 1981-82 में 60 डिसिमिल जानकी देवी को आवंटित किया गया था.
जिसका मौजा कोठियाँ खाता संख्या 51 सर्वे प्लौट नंबर 5 एराजी 60 डीसिमिल जमाबंदी नंबर 135 है. 2023-24 तक जानकी देवी के नाम रसीद कटते आ रहा है.
राकेश कुमार चौधरी बताते है कि अंचल अधिकारी दानापुर (चन्दन कुमार) बिना कोई नोटिस दिए हुए आये और मेरा घर का बैडरी को तोड़ा उसके बाद उन्होंने मेरा घर को तोड़ा. उन्होंने बताया कि अंचल अधिकारी दानापुर (चन्दन कुमार) किसी का घर सीधे तौर पर नहीं तोड़ सकते, बल्कि उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होता है, जिसमें नोटिस जारी करना, जांच करना और अतिक्रमण या अवैध निर्माण पाए जाने पर कोर्ट के आदेश से ही कार्रवाई करना शामिल है. यह सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि केवल अभियुक्त होने के आधार पर किसी का मकान गिराना असंवैधानिक है.

अंचल अधिकारी दानापुर चन्दन कुमार ने बताया कि यह जमीन पर अतिक्रमण किए हुए थे अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रेट बहाल किया गया था. जिसके कारण उसकी बैडरी तोड़ी गई थी.

जानकारी के लिए बता दें कि यदि किसी व्यक्ति का घर सरकारी जमीन पर बना है या अवैध निर्माण है, तो अंचल अधिकारी पहले इसकी जांच करते हैं. जांच के बाद, यदि निर्माण अवैध पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को मकान खाली करने या अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस दिया जाता है. नोटिस के बाद भी यदि व्यक्ति कार्रवाई नहीं करता है, तो अंचल अधिकारी अतिक्रमण हटाने के लिए कोर्ट से आदेश प्राप्त कर सकते हैं. बिना कोर्ट के आदेश के किसी भी घर पर बुलडोजर चलाना या तोड़ना कानून के विरुद्ध है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देशित किया है.