पुलिस प्रशासन द्वारा रीतलाल यादव  के ठिकानों पर छापेमारी कर सियासी माहौल गरमाया, बेटी ने लगाईं राम कृपाल यादव पर आरोप

आज दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक रीतलाल यादव, रिश्तेदारों और खास समर्थकों के कई ठिकानों पर पुलिस ने अचानक धावा बोल दिया। छापेमारी की खबर मिलते ही राजद खेमे में अफरा-तफरी मच गई. छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

विधायक रीतलाल यादव की पत्नी ने सामने आकर सीधे-सीधे पुलिस और सत्ताधारी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस यह सब चुनावी साजिश के तहत कर रही है। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन उनके पति के समर्थकों को डरा-धमकाकर वोट मांगने से रोक रही है।

विधायक रीतलाल यादव की पत्नी का कहना है, ‘यह सब राम कृपाल यादव और विरोधियों की चाल है। चुनाव में जब हमारे पति को जनता का आशीर्वाद मिल रहा है, तो सरकार पुलिस का इस्तेमाल करके हमारे लोगों को परेशान कर रही है। पुलिस प्रशासन और सत्ताधारी पार्टी झूठा आरोप लगा रही है कि हमारे समर्थक डरा-धमकाकर वोट मांग रहे हैं। यह सरासर झूठ है।पुलिस हमारे समर्थकों पर दबाव बना रही है कि वे राजद का साथ छोड़ दें।

विधायक रीतलाल यादव से जुड़े कुछ लोग, जो पहले से ही रंगदारी और तोड़फोड़ के एक मामले में नामजद अभियुक्त हैं, वे फ़रार चल रहे हैं। पुलिस प्रशासन इन फरार चल रहे सहयोगियों को पकड़ने के लिए लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है और इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।

इससे पहले भी, विधायक रीतलाल यादव के खिलाफ एक बिल्डर से रंगदारी मांगने और एक निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़ के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस मामले में भी पुलिस ने रीतलाल यादव के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी, जिसमें कैश और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए थे। इस मामले में रीतलाल यादव को कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा था और वह फिलहाल जेल में बंद हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि इस ताजा पुलिसिया कार्रवाई का असर दानापुर के चुनावी समीकरण पर पड़ना तय माना जा रहा है। एक तरफ जहां राजद इसे ‘सरकारी आतंकवाद’ और ‘लोकतंत्र और‌ संविधान की हत्या’ बताकर जनता के बीच भुनाने की कोशिश करेगी, वहीं विरोधी दल इसे रीतलाल यादव के आपराधिक रिकॉर्ड से जोड़कर निशाना साधेंगे।

दानापुर की जनता भी इस खींचतान को बड़े गौर से देख रही है कि पुलिस की कार्रवाई उनके वोटों को किस तरफ मोड़ेगी। विधायक रीतलाल यादव के समर्थक भी इस छापेमारी से बहुत गुस्से में हैं और इसे चुनाव में धांधली करने की कोशिश बता रहे हैं। फिलहाल दानापुर का माहौल गरमाया हुआ है और सबकी नजर पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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