
Birla Open Minds Preschool के द्वारा दूसरा वार्षिक समारोह किया गया, समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसने पूरे आयोजन में अनुशासन और जोश का प्रदर्शन किया।

बच्चों ने जमकर धमाल मचाया. नन्हे बच्चों ने मंच पर भारतीय संस्कृति के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. साथ ही अपने मनपसंद गानों पर भोली भाली अदाओं और आत्मविश्वास से डांस कर अभिभावकों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस दौरान पूरा कंपाउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था.

अनामिका कुमारी Birla Open Minds निदेशक बताती हैं कि हमारे नन्हे बच्चों ने मंच पर भारतीय मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आकर्षक नृत्यों, कृतज्ञता-भाव के कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के प्रभाव पर आधारित एक सारगर्भित नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत कर दिया। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति पढ़ाई के ही अभिन्न पहलू हैं। उन्होंने विद्यालय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को मील का पत्थर बताया।

अभिभावकों ने बताया कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है और इसी के दम पर हर ऊंचाई प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने पढ़ाई के साथ अनुशासन को व्यक्ति को महान बनाने वाला बताया और उम्मीद जताई कि विद्यालय के छात्र शिक्षा के बल पर गांव, परिवार और विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।

आज के समारोह में छोटे-छोटे बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। रंग-बिरंगे कपड़ों में स्कूल पहुंचे बच्चों के डांस को देखकर उसके अभिभावक भी झूमने को मजबूर हो गए। बच्चे, शिक्षकों के अलावा बच्चों के अभिभावक भी मौजूद रहें।

शिल्पी Birla Open Minds coordinator ने बताती हैं कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि इस समारोह से ये फायदा है कि 2 से 6 साल के बच्चे भी हजारों लोगों के सामने आकर बोल सकते हैं, नांच सकते हैं। बच्चों को शुरुआत से ही ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए। जिससे उसका आगे का ग्रोथ हो।
इस वार्षिक समारोह में सैकड़ों की संख्या में अभिवावकों की उपस्थिति दिखी।