
पटना. जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना राजीव मिश्रा द्वारा आज पुनपुन अंतर्राष्ट्रीय पितृपक्ष मेला, 2024 के आयोजन के संबंध में बैठक की गई एवं तैयारियों का जायजा लिया गया। यह बैठक पुनपुन पिंडदान स्थल स्थित सामुदायिक भवन (यात्री शेड) में हुई। डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा द्वारा बैठक में मेला समिति के सदस्यों से भी वार्ता की गई तथा उनका फीडबैक लिया गया। अधिकारीद्वय ने घाटों, बाज़ार, थाना, पीएचसी सहित संपूर्ण मेला क्षेत्र एवं आस-पास के इलाक़ों का भी निरीक्षण किया तथा तैयारियों का जायज़ा लिया।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पुनपुन अन्तर्राष्ट्रीय पितृपक्ष मेला दिनांक 17 सितम्बर, 2024 से 02 अक्टूबर, 2024 तक चलेगा। इस मेला में देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु, तीर्थयात्री एवं पर्यटक पहुँचते हैं। इस वर्ष भी मेला में काफी बड़ी संख्या में इनके आने की संभावना है।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि मानकों के अनुरूप मेला की बेहतर तैयारी है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से संपूर्ण मेला क्षेत्र को तीन ज़ोन में विभाजित किया गया है। सभी ज़ोन में अलग-अलग नोडल अधिकारियों को तैनात किया गया है। 28 सीसीटीवी कैमरों से हरेक गतिविधि पर नज़र रखी जाएगी। पथ निर्माण विभाग द्वारा एनएच-22 कामेश्वर चॉक से पुनपुन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक काफ़ी अच्छी सड़क का निर्माण किया गया है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को काफ़ी सुविधा होगी। बीएसआरडीसीएल को भी एनएच-22 के नज़दीक छूटे हुए अंश को मोटरेबल बनाने का निर्देश दिया गया है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए मेला अवधि के दौरान स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा चलंत एटीएम की भी व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में पितृपक्ष मेला के दौरान पधारने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश, यातायात एवं परिवहन, आवासन, सुरक्षा व्यवस्था, हेल्प डेस्क काउंटर एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर तैयारी की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, मसौढ़ी अमित कुमार पटेल ने मेला के सफल आयोजन हेतु की गई तैयारियों से जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 19 कोषांग सतत सक्रिय है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि भीड़ को देखते हुए हम सबको सुदृढ़ व्यवस्था कर तत्पर एवं मुस्तैद रहना होगा। सम्बद्ध सभी विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय करते हुए मेला का सफल आयोजन सुनिश्चित करना होगा। पर्यटन, राजस्व, रेलवे, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमण्डल, नगर पंचायत, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, यातायात, परिवहन सहित सभी विभागों को ससमय दायित्वों का सम्पूर्ण निर्वहन करना होगा।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पुनपुन नदी में जल-स्तर सामान्य है लेकिन इसमें वृद्धि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा संबंधित सारी व्यवस्था की गई है। बैरिकेडिंग, गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति, एसडीआरएफ/एनडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति, वाचटावर का निर्माण, मे आई हेल्प यू काउन्टर/हेल्प डेस्क एवं नियंत्रण कक्ष क्रियाशील रहेगा।
गौरतलब है कि लोग पुनपुन नदी पिंडदान स्थल पर पहुँचकर अपने पितरों की अत्मा की चिरशांति के पिंडदान एवं तर्पण करते हैं। मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष अवधि में पहला पिंडदान पुनपुन नदी के ही तट पर किया जाता रहा है। इसीलिए इस स्थान को प्रथम अतर्राष्ट्रीय पिंडदान स्थल के नाम से जाना जाता है। तदुपरांत श्रद्धालु गया में पिंडदान तर्पण करते हैं।
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, मसौढ़ी को निदेश दिया कि पितृपक्ष मेला के सफल संचालन एवं आगंतुक पर्यटकों की सुविधा तथा सुरक्षा हेतु आवश्यकता के अनुरूप निजी नाव/गोताखोर सभी संसाधन सहित प्रतिनियुक्त रखेंगे।
डीएम डॉ. सिंह के निदेश पर पिण्डदान स्थल/घाट पर दिनांक 17 सितम्बर, 2024 से 02 अक्टूबर, 2024 तक 02 वोट, डीप गोताखोर, लाईफ जैकेट, लाईफ ब्याय सभी संसाधन सहित एसडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि प्रतिनियुक्त एसडीआरएफ टीम ससमय कार्य स्थल पर अंचलाधिकारी, पुनपुन एवं अनुमंडल पदाधिकारी, मसौढ़ी से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्य करना सुनिश्चित करेंगे।
डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय एवं चेंजिंग रूम, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन, रेलवे संबंधित सुविधा, पर्यटन संबंधी व्यवस्था, विधि-व्यवस्था सहित सभी पहलुओं पर एक-एक कर तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक निदेश दिया। अधिकारियों को इन सभी बिन्दुओं पर त्रुटिहीन व्यवस्था सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मेला के दौरान उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुचारू यातायात व्यवस्था तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहें।