दानापुर. आज शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की गई है. मां चंद्रघंटा की पूजा करने से व्यक्ति की जिंदगी खुशहाल बन जाती है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां दुर्गा का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। मां चंद्रघंटा के स्वरूप की बात की जाए तो मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्ध चंद्रमा विराजमान है इसलिए इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। इनके शरीर का रंग सोने की तरह चमकीला और इनका वाहन सिंह है।

तरुण मण्डली अवस्ती घाट तेलिया महादेव मंदिर में माता दुर्गा की मूर्ति का स्थापना विकास कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है। विकास कुमार ने बताया कि यहाँ पर माता दुर्गा की प्रतिमा का पूजा कराने के लिए अयोध्या, काशी धाम से पूजारी आए हैं। यहाँ हरेक बार की तरह इस बार भी भव्य पूजा की जा रही है। सुबह और शाम की आरती में अपार भीड़ लगती है।
मुख्य पुजारी आचार्य अंकित पाण्डेय ने बताया कि आज माता चंद्रघंटा की पूजा की गई है माता चंद्रघंटा को देवी दुर्गा का उग्र रूप माना जाता है। शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा के मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए।
आचार्य प्रवेश कुमार शुक्ल जो अयोध्या धाम से माता दुर्गा का पूजा कराने आए हैं। आचार्य प्रवेश कुमार शुक्ल बताते हैं कि नवरात्रि के तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित हैं। इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। माता रानी के आशीर्वाद से व्यक्ति जीवन की हर चुनौती का सामना करने की शक्ति मिलती है।

आचार्य गंगा शरण शुक्ल जो काशी धाम से माता दुर्गा का पूजा कराने आए हैं। आचार्य गंगा शरण शुक्ल बताते हैं कि नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा और उनके 9 रूपों की आराधना और उन्हें प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है। मां चंद्रघंटा की पूजा से साधकों और भक्तों के सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं। यदि जीवन में किसी तरह का भय है, तो उससे मुक्ति मिलती है।
रामानुज शास्त्री जी जो अयोध्या धाम से माता दुर्गा का पूजा कराने आए हैं। रामानुज शास्त्री जी बताते हैं कि मान्यता है कि नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करने से व्यक्ति पराक्रमी और निर्भय हो जाता है, इसके अलावा जीवन के सभी संकट भी दूर हो जाते हैं।

साधक अंजय कुमार गुप्ता ने बताया कि नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा और उनके 9 रूपों की आराधना और उन्हें प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है। आश्विन माह की शारदीय नवरात्रि को इसके लिए पूरे साल का सर्वोत्तम समय माना गया है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 3 अक्टूबर, 2024 से हुई है। आज शनिवार 5 अक्टूबर, 2024 को नवरात्रि का तीसरा दिन है। नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित किया गया है। मां चंद्रघंटा की पूजा करने से व्यक्ति को शौर्य, पराक्रम और साहस की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की पूजा में सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित थे।