
दानापुर. बिहार चुनाव से पहले दानापुर विधानसभा के नगर कमिटी व प्रमुख साथियों, कार्यकर्ता की नाराजगी ने एनडीए में हलचल मचा दी है। चिराग पासवान को तरजीह मिलने से जेडीयू असंतुष्ट है।
मंगलवार को दानापुर तकियापर नारियल घाट के पास जदयू नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह के आवास में एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। जिसमें वरिष्ठ नेता जयप्रकाश सिंह, प्रदेश पदाधिकारी इमामुद्दीन राइन, पटना महानगर उपाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष जितेन्द पटेल, पटना महानगर महासचिव सह पूर्व पार्षद मासूम अली, महासचिव किशोर कुमार सिंहा, अशोक सिंह, प्रमोद सिंह, सियाराम सिंह, युवा नेता अभय पटेल, केवलापति देवी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
वरिष्ठ नेता जयप्रकाश सिंह ने कहा कि बिहार में चुनाव की तारीखों का एलान होने के बाद से ही सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों ही पार्टी में कांटे की टक्कर जारी है हालांकि दोनों ही पार्टियों के शीर्ष नेता सबकुछ सामान्य होने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का जो आदेश होगा हम सब पार्टी का आदेश मानेंगे।
राज्य सलाहकार समिति सदस्य जितेंद्र पटेल ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में जो सीट शेयरिंग का फॉर्मूला अपनाया गया है उसको लेकर कई तरह तस्वीरें सामने आ रही हैं. दानापुर विधानसभा सीट चिराग के खाते में डाल देने से कार्यकर्ता में आक्रोश हैं।

महासचिव किशोर कुमार सिहा ने कहा कि सीटों के पुनर्वितरण और गठबंधन समीकरणों के कारण यह निर्णय लेना आवश्यक था। कई सीटें पहले लोजपा (रामविलास) के खाते में दी गई थीं, जिससे हम कार्यकर्ता जदयू असंतुष्ट है।
मासूम अली ने बताया कि पार्टी का जो भी निर्णय लेगी उस पर ही कार्य किया जायेगा।
प्रमोद कुमार बताते हैं कि हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी नेताओं से सभी सीटों को लेकर विशेष रणनीति बनाने और बूथ प्रबंधन पर ध्यान फोकस करने को कहा था। जदयू फिलहाल एनडीए के सहयोगी दलों के साथ भाजपा की बातचीत और उनके साथ सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

केवलापति देवी बताती हैं कि हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अन्तिम आदेश जो होगा वे स्वीकार करेगी।
बता दें कि इस बार जेडीयू सीट बँटवारे में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में नहीं रही। साल 2020 में एनडीए गठबंधन में जेडीयू ने 115 सीटों पर जबकि बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन 2025 विधानसभा चुनावों में सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूले के मुताबिक़, जेडीयू और बीजेपी दोनों ही 101, 101 सीट पर चुनाव लड़ेंगी।