महिलाओं की सुरक्षा एवं आत्म-रक्षा : निर्भया सेना

दानापुर. आज निर्भया सेना द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश राठौर तथा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गणेश कुमार अल्फा ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्म-रक्षा के विषय पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि समाज में बढ़ते अपराध और बदलते माहौल में महिलाओं का आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होना अत्यंत आवश्यक है। आत्म-रक्षा आज केवल एक कौशल नहीं, बल्कि हर लड़की और महिला की जीवन–आवश्यक आवश्यकता बन चुकी है। इसी उद्देश्य से निर्भया सेना देशभर में जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण शिविर और सुरक्षा से जुड़े विशेष अभियानों का संचालन कर रही है।

प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की, कि निर्भया सेना आने वाले महीनों में विभिन्न जिलों में आत्म-रक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगी, जिसमें सरल और प्रभावी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि हर महिला स्वयं की रक्षा करने में सक्षम हो सके।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गणेश कुमार अल्फा ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं और चुनौतियों को समझकर उनके समाधान के लिए मजबूत तंत्र तैयार करना हमारा उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि निर्भया सेना स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने जा रही है, ताकि हर बेटी में आत्मविश्वास बढ़े और वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सके।

दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि एक सुरक्षित समाज तभी बन सकता है जब महिलाएँ सशक्त हों, शिक्षित हों और सुरक्षा के प्रति जागरूक हों। निर्भया सेना अपने स्तर पर हर वर्ग की महिलाओं तक पहुँचने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

अंत में, निर्भया सेना ने जनता, संस्थाओं और प्रशासन से अपील की कि वे महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के इस अभियान में सहयोग दें। संगठन ने यह भी कहा कि महिलाएँ न केवल समाज की शक्ति हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला भी हैं; इसलिए उनका सुरक्षित और सम्मानित होना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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