पटना. जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज समाहरणालय स्थित सभागार में खरीफ विपणन मौसम, 2023-24 अंतर्गत धान अधिप्राप्ति/सीएमआर आपूर्ति में प्रगति की समीक्षा की गई। उनके द्वारा अनुमंडलवार एवं प्रखंडवार कुल क्रय, कुल क्रय का समतुल्य सीएमआर, कुल लॉट, सीएमआर आपूर्ति का लक्ष्य, अद्यतन सीएमआर आपूर्ति, एसएफसी से पैक्स को भुगतान इत्यादि की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़, पटना सिटी तथा पटना सदर अनुमंडलों में पूर्व में ही शत-प्रतिशत सीएमआर गिराव कर लिया गया है। इसके लिए तीनों अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी एवं उनकी पूरी टीम प्रशंसा के पात्र हैं। शेष तीन अनुमंडलों में अवशेष सीएमआर लॉट काफी ज्यादा है। पटना जिला में अभी लगभग 131 लॉट सीएमआर की आपूर्ति किया जाना शेष है। जिलाधिकारी ने पालीगंज, दानापुर तथा मसौढ़ी अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारियों को हर हाल में शत-प्रतिशत सीएमआर निर्धारित समय 15 सितम्बर तक गिराने का निदेश दिया। अन्यथा दोषी पैक्सों के विरूद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने एवं लापरवाह प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक तथा विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम में चावल (सीएमआर) प्राप्त करने की अंतिम तिथि सरकार द्वारा 31 अगस्त, 2024 निर्धारित की गई थी। उक्त तिथि तक पूर्ण मात्रा में चावल तैयार करने में होने वाली कठिनाइयों के आलोक में चावल तैयार कर बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के चावल संग्रहण केन्द्रों में जमा करने की अंतिम तिथि दिनांक 15 सितम्बर, 2024 तक विस्तारित की गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी पैक्सों द्वारा 131.14 लॉट सीएमआर आपूर्ति किया जाना शेष है। धान के समतुल्य कुल सीएमआर (एफआरके सहित) 1,24,315.755 एमटी (4,286.750 लॉट) के विरूद्ध एसएफसी को 1,20,512.698 एमटी (4,155.61 लॉट) सीएमआर ही आपूर्ति किया गया है। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी पैक्स निर्धारित अवधि तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने के आरोप में अभी तक 14 पैक्स पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन सभी पैक्स के अध्यक्ष, प्रबंधक एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन 14 पैक्स के अतिरिक्त सीएमआर आपूर्ति में ढीला-ढाला रवैया अख्तियार करने एवं विलंब करने वाले 03 अन्य पैक्सों (मसौढ़ी प्रखंड में बेर्रा, धनरूआ प्रखंड में देवा तथा धनरूआ में ही गोविंदपुर बौरिही) को भी चिन्हित किया गया है। इन सबके विरूद्ध सीएमआर आपूर्ति में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि नहीं रहने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। जो भी पैक्स दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं उनके विरूद्ध नीलाम पत्र दायर कर शत-प्रतिशत राशि की वसूली के साथ ही उन्हें डिफॉल्टर घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी। उनके निर्वाचन पर भी रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी, पटना द्वारा आज की बैठक में खरीफ विपणन मौसम, 2023-24 अंतर्गत धान अधिप्राप्ति/सीएमआर आपूर्ति में प्रगति की समीक्षा की गई। अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति का अनुश्रवण करते हुए दिनांक 15 सितंबर, 2024 तक बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के चावल संग्रहण केन्द्रों में शत-प्रतिशत सीएमआर जमा कराने का निदेश दिया गया।
आज की समीक्षा बैठक में पाया गया कि आठ प्रखंडों में काफी अधिक अवशेष सीएमआर बचा है। बिक्रम में 39.18 लॉट, दुल्हिनबाजार में 23.90 लॉट, धनरूआ में 20.09 लॉट, नौबतपुर में 20.06 लॉट, मनेर में 9.84 लॉट, पालीगंज में 6.75 लॉट, मसौढ़ी में 5.98 लॉट तथा बिहटा में 3.50 लॉट अवशेष सीएमआर बचा है जो काफी अधिक है। जिलाधिकारी द्वारा इसपर गंभीर खेद व्यक्त करते हुए सीएमआर आपूर्ति में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं करने के आरोप में इन आठ प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण करते हुए उन सभी का वेतन अगले आदेश तक अवरूद्ध रखा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अपने-अपने प्रखंडों में पैक्स से समन्वय कर सीएमआर गिराव में तेजी लाएँ अन्यथा उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को निदेश दिया कि जो भी पैक्स सीएमआर आपूर्ति में शिथिलता बरत रहा है, सहयोग एवं रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा है, उन सबके विरूद्ध जाँच कर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी द्वारा पालीगंज, दानापुर एवं मसौढ़ी अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारियों को सीएमआर आपूर्ति में विशेष प्रयास कर तेजी लाते हुए शत-प्रतिशत गिराव सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया।
विदित हो कि दिनांक 15 फरवरी, 2024 तक कुल 1,81,391.535 एमटी धान का क्रय किया गया था। शत-प्रतिशत किसानों को भुगतान कर दिया गया है। धान के समतुल्य कुल सीएमआर (एफआरके सहित) 1,24,315.755 एमटी (4,286.750 लॉट) है। एसएफसी को 1,20,512.698 एमटी (4,155.61 लॉट) सीएमआर आपूर्ति किया गया है जो लक्ष्य का 96.94 प्रतिशत है। एसएफसी से पैक्स को भुगतान की गई राशि 3,90,83,94,878.86 रुपया है। जिलाधिकारी द्वारा सीएमआर की आपूर्ति में तेजी लाने का निदेश दिया गया। 15 सितम्बर तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति के निदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिस-जिस पैक्स के पास ज्यादा बकाया है वहाँ प्रखण्ड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी समन्वय स्थापित कर समय से सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित कराएँगे अन्यथा उनके विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा अनुमंडल पदाधिकारियों को सीएमआर आपूर्ति हेतु प्रतिदिन के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रगति का अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया।
अनुमंडलवार समीक्षा के क्रम में पाया गया कि पटना सदर, पटना सिटी एवं बाढ़ अनुमंडलों में शत-प्रतिशत सीएमआर का गिराव कर लिया गया है। सीएमआर आपूर्ति का प्रतिशत मसौढ़ी में 96.91, दानापुर में 96.05 तथा पालीगंज में 94.78 है। अवशेष सीएमआर पालीगंज में 69.83 लॉट, दानापुर में 35.25 लॉट, मसौढ़ी में 26.07 लॉट है।
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, पालीगंज को निदेश दिया कि पालीगंज अनुमंडल में सीएमआर आपूर्ति में तेजी लाई जाए। विगत लगभग एक सप्ताह में यहाँ केवल 2.42 लॉट सीएमआर गिरा है जबकि अभी 69.83 लॉट गिराया जाना शेष है। दानापुर अनुमंडल में भी विगत एक सप्ताह में केवल 6.2 लॉट सीएमआर गिरा है जबकि अभी 35.25 लॉट गिराया जाना शेष है। मसौढ़ी अनुमंडल में विगत एक सप्ताह में केवल 5 लॉट सीएमआर गिरा है जबकि अभी 26.07 लॉट गिराया जाना शेष है। डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि पालीगंज, दानापुर एवं मसौढ़ी अनुमंडलों में सीएमआर आपूर्ति पर विशेष ध्यान दें। अनुमंडल पदाधिकारी निरंतर प्रयास कर स्थिति में अविलंब सुधार लाएँ। सहयोग नहीं करने वाले पैक्स के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करें।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि सीएमआर आपूर्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीएमआर आपूर्ति में जिन-जिन प्रखण्डों में प्रगति संतोषजनक नहीं है वहाँ अनुमंडल पदाधिकारी विशेष रूचि लेकर कार्यों में प्रगति लाएँ।